Shukra Pradosh Vrat 2026: आज शुक्र प्रदोष व्रत है. आज का दिन भगवान शिव जी के पसंदीदा दिनों में से एक होता है. और इस खास दिन में आपके द्वारा की गई एक गलती आपके दिन भर की पूजा और व्रत को निष्फल कर सकते हैं. आप पुण्य के बजाय पाप कर बैठते हैं. इसलिए आज के दिन कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है. आइये फिर जानते हैं क्या…
प्रदोष काल में पूजा न करना
प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में ही करनी चाहिए. इस समय को छोड़कर पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता.
भगवान शिव को तुलसी अर्पित करना
शुक्र प्रदोष व्रत पर भूलकर भी शिवलिंग पर तुलसी पत्र न चढ़ाएं. शास्त्रों में शिव पूजा में तुलसी वर्जित मानी गई है.
मांस, शराब, लहसुन-प्याज से पूरी तरह दूर रहें
इस दिन मांस, शराब, लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से पूरी तरह दूर रहें. ऐसा करने से पूजा निष्फल मानी जाती है.
झूठ, क्रोध और कटु वाणी
शुक्र प्रदोष व्रत पर झूठ बोलना, गुस्सा करना और किसी से विवाद करना अशुभ माना जाता है. इससे शुक्र और शिव दोनों की कृपा रुक सकती है.
व्रत के दिन बाल और नाखून काटना
शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दिन बाल, दाढ़ी या नाखून काटने से बचना चाहिए, इससे व्रत की पवित्रता भंग होती है.
महिलाओं, विवाहित दंपतियों के लिए बहुत शुभ
जब प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है. चूंकि, शुक्रवार का संबंध शुक्र ग्रह से होता है, इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन सूर्यास्त से लेकर रात्रि के पहले प्रहर तक का समय प्रदोष काल कहलाता है और इसी समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है.
शुक्र ग्रह को सुख, प्रेम, विवाह, कला और विलासिता का कारक माना जाता है. जब प्रदोष व्रत शुक्रवार को आता है, तो शिव कृपा के साथ-साथ शुक्र ग्रह की अनुकूलता भी मिलती है. इसी कारण यह व्रत खासतौर पर महिलाओं, विवाहित दंपतियों और आर्थिक स्थिरता चाहने वालों के लिए बहुत शुभ माना जाता है.


