“मोह का प्रभाव और बढ़ता असंतोष”


लेख आलेख/जनचौपाल 36 _18/11/2025

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोह और तुलना लोगों के भीतर असंतोष और बेचैनी बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब इंसान अपने पास मौजूद चीज़ों से संतुष्ट न होकर दूसरों की उपलब्धियों और वस्तुओं पर मोहित होता है, तो चेतना में दूरी और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है।
मुख्य कारण:
सोशल मीडिया और सामाजिक तुलना
तात्कालिक लाभ की प्रवृत्ति
अभाव और भय की मानसिकता
उपाय:
रोज़ाना तीन आभारी बातें लिखें
ज़रूरत और चाह में अंतर समझें
सोशल मीडिया का समय कम करें
अपनी उपलब्धियों को स्वीकारें
छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें

जब भी हम किसी वस्तु या स्थिति के कारण असंतोष अनुभव करें, एक पल रुकें, गहरी सांस लें, और पूछें—”क्या यह वाकई हमारे अभी के अहंकार को संतुष्ठ कर रहा है?” – संतोष का अभ्यास: जो है उसी में पूर्णता ढूंढना, न कि जो नहीं है उसे पाने की मानसिकता।

निष्कर्ष:
असंतोष का हल बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि आत्म-स्वीकृति और संतोष के अभ्यास में है।

  • Related Posts

    बेमेतरा में धान खरीदी रफ्तार पर — दूसरे दिन 19,172 क्विंटल की रिकॉर्ड खरीदी

    बेमेतरा/छत्तीसगढ़_18।11।2025 धान उपार्जन सीजन 2025-26 में बेमेतरा जिले में खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है। दूसरे दिन जिले के 129 केंद्रों में से 56 केंद्रों पर कुल 19,172 क्विंटल धान…

    हत्या के आरोपी को बेरला पुलिस ने किया गिरफ्तार, लोहे के टंगिया से सिर पर किया वार

    Janchoupal36 बेमेतरा, 12 जुलाई 2025:थाना बेरला क्षेत्र के बारगांव में एक व्यक्ति की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *